प्रेम पाप है विनय त्याज्य है क्लेश पुण्य अब अधर्म राज्य है प्रेम पाप है विनय त्याज्य है क्लेश पुण्य अब अधर्म राज्य है
सानिध्य जो पाता संवर्द्धन हो जाता है सानिध्य जो पाता संवर्द्धन हो जाता है
तब भी अपने व्यवहार में नम्रता बनाए रखिए। तब भी अपने व्यवहार में नम्रता बनाए रखिए।
चाहे होना पड़े खुद को बलिदान भी इस बार, रुकूँगा मिटा कर भ्रष्टाचार। चाहे होना पड़े खुद को बलिदान भी इस बार, रुकूँगा मिटा कर भ्रष्टाचार।
देवता पाषाण के इतना बता दो और कितने दिन शिला बनकर रहोगे। देवता पाषाण के इतना बता दो और कितने दिन शिला बनकर रहोगे।
ऐसा इन्हें, व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण देना। ऐसा इन्हें, व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण देना।